रायपुर में जीम के दौरान विवाद, रील बनाने को लेकर बहस के बाद मारपीट
Raipur. रायपुर। छोटे उरला में रहने वाले एक युवक ने जीम में हुए विवाद को लेकर पुलिस से कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित युवक ने बताया कि वह बी.पी.एड. तक पढ़ाई कर चुका है और वर्तमान में एम.ए. की पढ़ाई कर रहा है। रोज़ की तरह दिनांक 12 सितंबर 2025 की सुबह करीब 8 बजे वह जी.पी.एस. जीम, अभनपुर में व्यायाम करने गया था। पीड़ित के अनुसार, जीम में उसका दोस्त हिमांशु बघेल भी मौजूद था। वहीं पर यश गांधी नामक युवक ने हिमांशु से कहा कि “तुम लोग रील वाले हो, रील देखकर जीम करते हो” कहकर मजाक उड़ाया। इस बात को लेकर दोनों में बहस शुरू हो गई। पीड़ित ने स्पष्ट किया कि वे रील देखकर व्यायाम नहीं करते, बल्कि खुद से वर्कआउट करते हैं। इस पर यश गांधी नाराज होकर वाद-विवाद करने लगा।
तभी आशीष टंडन नामक युवक वहाँ आया और पीड़ित से कहा कि “तू ज्यादा बात कर रहा है, तू मुझे जानता नहीं कि मैं कौन हूँ” कहकर गंदी-गंदी गालियाँ देने लगा। पीड़ित ने बताया कि उसे गालियाँ देना अच्छा नहीं लगा। जब उसने विरोध किया तो आशीष टंडन ने जान से मारने की धमकी दी और हाथ, मुक्का, लात, घुंसे से मारपीट शुरू कर दी। इस मारपीट में पीड़ित के पेट में दर्द हुआ। घटना के दौरान वहाँ उपस्थित अन्य जीम सदस्य, जिनके नाम पीड़ित नहीं जानता, बीच-बचाव कर मामला शांत करने की कोशिश की। पीड़ित ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए कहा कि वह कार्रवाई चाहता है ताकि ऐसी घटनाओं पर रोक लग सके।
पीड़ित ने प्रशासन से अनुरोध किया है कि जीम जैसे सार्वजनिक स्थानों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई जाए और अनुशासनात्मक नियम लागू किए जाएँ ताकि व्यायाम करने आए युवाओं को एक सुरक्षित माहौल मिल सके। इस घटना ने समाज में जागरूकता की आवश्यकता को रेखांकित किया है कि स्वास्थ्य केंद्रों पर आने वाले युवाओं को न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक रूप से भी सकारात्मक माहौल प्रदान करना चाहिए। पुलिस की कार्रवाई से उम्मीद जताई जा रही है कि ऐसे विवादों पर रोक लगेगी और खेल संस्कृति में अनुशासन व सहयोग की भावना को बढ़ावा मिलेगा।
युवाओं में सोशल मीडिया पर आधारित रील संस्कृति के कारण उत्पन्न हो रहे विवादों पर यह मामला चिंताजनक है। पीड़ित ने बताया कि वह स्वास्थ्य और आत्मानुशासन के लिए जीम आता है, न कि दिखावे के लिए। ऐसे में मजाक उड़ाना और गाली-गलौच करना न केवल मानसिक तनाव पैदा करता है बल्कि शारीरिक हिंसा का रूप ले लेता है। पुलिस ने शिकायत दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। यह घटना जीम में अनुशासन बनाए रखने और युवाओं में आपसी सम्मान की आवश्यकता को उजागर करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया की अति उपयोगिता युवाओं में असहिष्णुता और असमझ का कारण बन रही है।




